हनुमानगढ़ में दर्दनाक हादसा: चाचा-भतीजे की एक ही दिन हार्ट अटैक से मौत, गांव में गमगीन माहौल

हनुमानगढ़, राजस्थान। फेफाना क्षेत्र के गांव राजपुरिया में एक दर्दनाक घटनाक्रम सामने आया है, जहां चाचा-भतीजे दोनों की एक ही दिन हार्ट अटैक से मौत हो गई। इस अचानक और दुर्भाग्यपूर्ण घटना ने पूरे गांव को शोक की लहर में डुबो दिया है।
राजपुरिया गांव निवासी 60 वर्षीय रामलाल और उनके 35 वर्षीय भतीजे मोहनलाल, जो पिछले कई वर्षों से एक साथ रहते थे, शुक्रवार को सुबह के समय अस्वस्थ महसूस करने लगे थे। दोनों को अचानक सीने में तेज दर्द हुआ जिसे उन्होंने सामान्य समझकर टाल दिया, लेकिन स्थिति तेजी से बिगड़ गई। इसके बाद वे दोनों को तुरंत नजदीकी अस्पताल ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने हार्ट अटैक की पुष्टि की। दुर्भाग्यवश, दोनों की अस्पताल में ही मौत हो गई।
इस घटना ने परिवार के सदस्यों और पूरे गांव में भारी दुख और सहमिष्टी पैदा कर दी है। स्थानीय लोग बताते हैं कि रामलाल और मोहनलाल गांव के बहादुर और समाज सेवक थे, जिनकी किस्से गांव में अक्सर चर्चा का विषय रहते थे। उनका अचानक चले जाना ग्रामीण समुदाय के लिए एक बड़ा सदमा साबित हुआ है।
गांव के मुखिया श्री हरपाल सिंह ने कहा, “यह दुर्घटना हम सभी के लिए बहुत दुखद और अनपेक्षित है। हम परिवार के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करते हैं और प्रशासन से मांग करते हैं कि वे इस मामले की पूर्ण जांच करें तथा ऐसा दोबारा न हो इसका प्रबंध किया जाए।”
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि दिल की बीमारियों के प्रति जागरूकता अत्यंत आवश्यक है, खासकर ग्रामीण इलाकों में जहां इलाज के संसाधनों की कमी होती है। नियमित स्वास्थ्य जांच और सही खान-पान से इस प्रकार की घटनाओं से बचा जा सकता है।
यह घटना हनुमानगढ़ जिले में स्वास्थ्य सेवाओं और आपातकालीन प्रतिक्रिया तंत्र में सुधार की जरूरत को भी दर्शाती है। प्रशासन इस दिशा में आवश्यक कदम उठाने के लिए गंभीर है और जल्द ही गांवों में मेडिकल सुविधाओं को बेहतर बनाने की योजना पर काम शुरू करेगा।
इस दुखद घटना ने पूरे हनुमानगढ़ क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है, जहां बुधवार को दो परिवारों में मातम छाया हुआ है। रामलाल और मोहनलाल की आत्मा की शांति के लिए गांव के लोगों ने पूजा अर्चना कर उनके सम्मान में श्रद्धांजलि सभा भी आयोजित की है।




