भीलवाड़ा

गोल प्याऊ चौराहा: भव्यता के नाम पर बनी ‘ब्लाइंडस्पॉट’

भीलवाड़ा, राजस्थान

भीलवाड़ा शहर के सबसे व्यस्त और महत्वपूर्ण गोल प्याऊ चौराहे पर नगर निगम द्वारा स्थापित किए जा रहे महाराणा प्रताप सर्कल की भव्यता को लेकर सवाल उठने लगे हैं। महापुरushों के सम्मान और शहर के सौंदर्यीकरण के नाम पर किए जा रहे इस प्रोजेक्ट में तकनीकी त्रुटियों के कारण यातायात की सुरक्षा खतरे में पड़ गई है।

नगर निगम के विशेषज्ञों ने सर्कल के चबूतरे (बेस) की ऊंचाई इस प्रकार बढ़ा दी है कि वाहन चालकों के लिए आस-पास का ट्रैफिक देख पाना लगभग असंभव हो गया है। इस वजह से गोल प्याऊ चौराहा एक ‘ब्लाइंडस्पॉट’ में तब्दील हो गया है, जहां बड़े हादसों की संभावना बनी रहती है।

स्थानीय लोग और यात्री इस समस्या को लेकर चिंतित हैं। पहले भी इसी चौराहे पर एक ट्रेलर की चपेट में आने से एक युवक की मौत हो चुकी है। उस घटना के बाद भी नगर निगम प्रशासन ने आवश्यक सुधार नहीं किया, जिससे यह चिंता और भी गंभीर हो गई है।

विशेषज्ञ बताते हैं कि यातायात व सुगमता को ध्यान में रखकर चौराहे के डिज़ाइन में बदलाव आवश्यक था, लेकिन निगम ने सुरक्षा मानकों की अनदेखी की। ऊंचा चबूतरा वाहन चालकों की दृश्यता कम कर रहा है, जो विशेष रूप से भारी वाहनों और दोपहिया चालकों के लिए खतरनाक सिद्ध हो सकता है।

नगर निगम के वरिष्ठ अधिकारीयों ने कहा है कि स्थान की भव्यता और महापुरुषों के सम्मान के लिए यह कदम उठाया गया है, लेकिन सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए परिवर्तनों पर फिर से विचार किया जाएगा। उन्होंने आश्वस्त किया कि जल्द ही आवश्यक सुधार करके नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी।

वहीं, स्थानीय निवासियों का कहना है कि ऐसा लगता है कि निगम के अधिकारी केवल दिखावे के लिए कार्य कर रहे हैं, जबकि मूलभूत जरूरतों और सुरक्षा पहलुओं की अनदेखी कर रहे हैं। उन्होंने सरकार और नगर निगम से अपील की है कि तकनीकी मानकों का पालन करते हुए नागरिकों की भलाई को प्राथमिकता दी जाए।

भीलवाड़ा वासियों के लिए यह विषय गंभीर चिंता का कारण है, क्योंकि सड़क सुरक्षा किसी भी शहर के विकास का अहम हिस्सा होती है। महाराणा प्रताप सर्कल के शिल्प और सौंदर्यीकरण के साथ-साथ यातायात सुरक्षा के उपाय भी उतने ही ज़रूरी हैं, जिससे यहां से गुजरने वाले हर व्यक्ति की जान सुरक्षित रहे।

आशा है कि प्रशासन इस समस्या को गंभीरता से लेकर जल्द समाधान निकालेगा, ताकि भीलवाड़ा का यह प्रमुख चौराहा सुरक्षित और सुगम रूप में अपनी भूमिका निभा सके।

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