नमो वाटिका परियोजना: राजस्थान के इस झील के किनारे बड़े प्रोजेक्ट की तैयारी, विदेशी पक्षियों के लिए नया ठिकाना, पर्यटन को मिलेगा नया आयाम

डूंगरपुर, राजस्थान
डूंगरपुर जिले में धार्मिक पर्यटन और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से रणसागर झील के पास एक बड़ा हरित परियोजना “नमो वाटिका” विकसित करने की तैयारियां तेज हो गई हैं। वन विभाग ने लगभग एक करोड़ रुपये की लागत से इस परियोजना को जयपुर मुख्यालय को प्रस्तुत किया है, जिसे स्वीकृति मिलने के बाद शीघ्र शुरू किया जाएगा।
यह महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट लालगिरी मठ के समीप वन विभाग के अधीन लगभग 50 हेक्टेयर क्षेत्र में विकसित किया जाएगा। इसका उद्देश्य न केवल स्थानीय पारिस्थितिकी तंत्र को सशक्त बनाना है, बल्कि विदेशी और देशी पक्षियों के लिए एक आदर्श आवास तैयार करना भी है। परियोजना की सफलता से क्षेत्र में पर्यटन को नई दिशा मिलेगी और आर्थिक गतिविधियां भी प्रबल होंगी।
वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि इस क्षेत्र की जैव विविधता बहुत समृद्ध है, और रणसागर झील के किनारे बने इस हरित क्षेत्र में विदेशी पक्षियों के आने से अतुलनीय प्राकृतिक सुंदरता का निर्माण होगा। इससे पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ स्थानीय रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी राजेश कुमार ने कहा, “नमो वाटिका परियोजना पर्यटन और संरक्षण का बेहतरीन संयोजन साबित होगी, जो पर्यावरण और आर्थिक विकास दोनों के लिए लाभकारी होगी।”
स्थानीय लोगों का इस परियोजना को लेकर उत्साह देखा जा रहा है क्योंकि इससे पर्यटन क्षेत्र में सुधार के साथ-साथ गांवों की आर्थिक स्थिरता भी बढ़ेगी। धार्मिक स्थलों के समीप होने के कारण यह वाटिका श्रद्धालुओं के लिए भी आकर्षण का केंद्र बनेगी। पर्यटक अब प्राकृतिक वातावरण का आनंद लेकर क्षेत्र की सांस्कृतिक समृद्धि को भी करीब से महसूस कर सकेंगे।
इसके अतिरिक्त वन विभाग ने इस क्षेत्र में स्वच्छता और संवर्धन के लिए भी विशेष कदम उठाने का योजना बनाई है, ताकि पर्यावरण संतुलन बना रहे और पर्यटकों को एक स्वास्थ्यवर्धक वातावरण प्राप्त हो। पर्यावरणविदों ने “नमो वाटिका” को एक मिसाल बताते हुए कहा कि यह परियोजना देश में पर्यावरण संरक्षण और पर्यटन के सामंजस्य का उदाहरण बनेगी।
परियोजना के सफल कार्यान्वयन के बाद, क्षेत्र में जैव विविधता में वृद्धि होगी, जिससे देश-विदेश से पर्यटक आने की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि की उम्मीद है। वन विभाग ने स्थानीय प्रशासन के साथ मिलकर सतत विकास के हित में इस परियोजना पर तेजी से काम करने का आश्वासन दिया है।
इस प्रकार, “नमो वाटिका” परियोजना न केवल पर्यावरण संरक्षण में योगदान देगी, बल्कि डूंगरपुर जिले को पर्यटन का प्रमुख केंद्र बनाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।




