राजस्थान शिक्षा परिषद ने जारी की 113 करोड़ रुपए की वित्तीय स्वीकृति

जयपुर, राजस्थान। प्रदेश के 18,799 सरकारी स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं के विस्तार एवं विकास कार्यों के लिए लंबे समय से अटकी कम्पोजिट स्कूल ग्रांट अब आखिरकार जारी कर दी गई है। शुक्रवार को शिक्षा मंत्रालय से स्वीकृति मिलने के बाद राजस्थान शिक्षा परिषद ने 113 करोड़ रुपए की वित्तीय स्वीकृति जारी कर दी, जिससे स्कूलों में आवश्यक विकास कार्यों को तेजी से अगला बढ़ावा मिलेगा।
बजट मिलने के तुरंत बाद समग्र शिक्षा विभाग ने इस राशि को प्रदेश के सभी मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारियों को ट्रांसफर कर दिया है ताकि उन्हें कार्यों के क्रियान्वयन में कोई देरी न हो। अधिकारियों द्वारा बताया गया है कि अब प्रत्येक ब्लॉक के स्कूलों में सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए आवश्यक उपकरण, निर्माण कार्य एवं अन्य विकासात्मक गतिविधियों को युद्धस्तर पर पूरा किया जाएगा।
राजस्थान शिक्षा परिषद के मुखिया ने बताया कि पिछले एक वर्ष में पहले से खपत हुई राशि का समायोजन भी प्रभावी ढंग से हो रहा है, जिससे वित्तीय पारदर्शिता एवं जवाबदेही सुनिश्चित की जा रही है। इस योजना के अंतर्गत कक्षा-कक्ष, शौचालय, पेयजल व्यवस्था, लाइब्रेरी, लैब और खेल सामग्री जैसे बुनियादी ढांचे पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
प्रदेश सरकार की यह पहल राज्य के शिक्षा स्तर को सुधारने की दिशा में एक मजबूत कदम मानी जा रही है। शैक्षिक वातावरण को बेहतर बनाने के लिए यह वित्तीय सहायता बहुत जरूरी थी क्योंकि पिछले कई महीनों से विकास कार्यों में वित्तीय अवरोध पैदा हो रहे थे। अब जब बजट मिल चुका है, स्कूलों में शिक्षण और सीखने की गुणवत्ता में जल्द ही सकारात्मक बदलाव देखने को मिलेगा।
शिक्षा मंत्रालय ने भी इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि बच्चों के लिए सुरक्षित और समर्थ शिक्षा वातावरण बनाना हमारी प्राथमिकता है। वित्तीय स्वीकृति के साथ-साथ पारदर्शिता और प्रभावी कार्यान्वयन के लिए विभाग स्तर पर कड़े निर्देश जारी किए गए हैं। इस कदम से राजस्थान के सरकारी स्कूलों की स्थिति में सुधार होगा और विद्यार्थियों को बेहतर संसाधन उपलब्ध कराए जा सकेंगे।
इस प्रक्रिया में स्थानीय प्रशासन और शिक्षा विभाग के अधिकारियों की सक्रिय भागीदारी बनी रहेगी ताकि राशि का सही इस्तेमाल हो सके। आने वाले समय में इस वित्तीय समर्थन से स्कूलों में तकनीकी उन्नयन, शिक्षकों के प्रशिक्षण और विद्यार्थियों के हित में अन्य सुधार भी योजना बद्ध रूप से लागू किए जाएंगे।
राजस्थान के शिक्षा क्षेत्र के हितधारकों ने इस निर्णय का स्वागत किया है और उम्मीद जताई है कि इससे प्रदेश में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का प्रसार होगा। इस वित्तीय स्वीकृति से सभी सरकारी विद्यालयों को मजबूती मिलेगी और बच्चों को बेहतर शिक्षा हासिल करने का अवसर मिलेगा।




