भीलवाड़ा

भीलवाड़ा में 9 अप्रैल को 108 देशों के साथ विश्व शांति के लिए नवकार महामंत्र गुंजेगा

भीलवाड़ा, राजस्थान

भीलवाड़ा में 9 अप्रैल को विश्व शांति और वैश्विक सद्भाव की भावना को प्रबल करने के लिए एक अनोखा आयोजन होने जा रहा है। इस दिन जैन इंटरनेशनल ट्रेड ऑर्गेनाइजेशन (जीतो) के तत्वावधान में विश्व के 108 देशों के साथ वस्त्रनगरी भीलवाड़ा में सामूहिक रूप से नवकार महामंत्र की आराधना की जाएगी। यह आयोजन विश्व नवकार दिवस के अवसर पर किया जा रहा है, जिसका उद्देश्य तकरीबन सभी देशों में शांति, भाईचारा एवं सद्भाव का संदेश फैलाना है।

भीलवाड़ा चैप्टर की ओर से रखे गए इस आयोजन में दोहरी भूमिका है – धार्मिक एवं सांस्कृतिक। नवकार महामंत्र जो जैन धर्म का एक परम पूजनीय मंत्र है, उसे विश्व स्तर पर व्यापक रूप से साझा कर एकता व समरसता का संदेश देने का प्रयास किया जा रहा है। जैन इंटरनेशनल ट्रेड ऑर्गेनाइजेशन के सदस्यों ने बताया कि यह आयोजन आधुनिक विश्व के तनाव को कम करने, एक-दूसरे की सहिष्णुता बढ़ाने तथा सभी को शांति के मार्ग पर ले जाने का एक प्रयास है।

जीतो भीलवाड़ा चैप्टर के अध्यक्ष ने बताया कि इस आयोजन में स्थानीय लोगों के साथ-साथ भाजपा, कांग्रेस सहित अन्य राजनीतिक दलों, सामाजिक संगठनों एवं युवाओं की बड़ी संख्या शामिल होगी। उन्होंने कहा, “इसके माध्यम से हम यह संदेश देना चाहते हैं कि चाहे कितनी भी भिन्नताएं हों, शांति और सद्भाव सभी की साझा जरूरत है।”

विश्व नवकार दिवस पर भीलवाड़ा में आयोजित इस सामूहिक आराधना कार्यक्रम में विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी होंगी, जिनमें भक्ति गीत, नृत्य और भाषण शामिल रहेंगे। यह कार्यक्रम न केवल धार्मिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण होगा, बल्कि सामाजिक सद्भाव को बढ़ावा देने में भी सहायक सिद्ध होगा।

साथ ही, इस आयोजन से पर्यावरण संरक्षण और मानवीय मूल्य भी जुड़ेंगे। सहभागियों से स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण एवं सहिष्णुता के मूल मंत्रों को अपनाने का आह्वान किया जाएगा। विश्लेषकों के अनुसार, इस प्रकार के आयोजन स्थानीय स्तर पर सामूहिक एकता को बढ़ाते हैं और वैश्विक तौर पर भी शांति एवं सह-अस्तित्व का संदेश फैलाते हैं।

इस पहल की एक विशेषता यह भी है कि 108 देशों के लोगों द्वारा एक साथ नवकार महामंत्र का जाप किया जाएगा, जिससे विश्व के विभिन्न हिस्सों के लोगों के दिल और भावनाएं एक साथ जुड़ेंगी। यह आयोजन भीलवाड़ा को धार्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन के केंद्र के रूप में भी स्थापित करेगा।

जीतो के प्रतिनिधि ने अंत में कहा, “हमें उम्मीद है कि इस कार्यक्रम के माध्यम से हम विश्व को एक बेहतर और शांतिपूर्ण जगह बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाएंगे। सभी नागरिकों से अनुरोध है कि वे इस कार्यक्रम में बढ़-चढ़कर हिस्सा लें और शांति का यह संदेश विश्व भर में फैलाएं।”

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